समुदायों के नामकरण के रिवाज़
भारत में नामकरण का एक नियम नहीं है। वेबसाइट के फ़िल्टर से ज़्यादा आपके घर का रिवाज मायने रखता है।
हिंदू परिवार
कई हिंदू घर पुरोहित से नक्षत्र ध्वनि पूछते हैं, फिर ऐसा नाम चुनते हैं जिसका अर्थ बच्चे को समझाया जा सके। देवताओं के नाम, गुणों के नाम और प्रकृति के नाम सब आम हैं। क्षेत्रीय भाषा वर्तनी बदलती है: एक ही नाम हिंदी, मराठी, गुजराती या तमिल में अलग दिख सकता है।
मुस्लिम परिवार
मुस्लिम नाम अक्सर अपने अरबी या फ़ारसी अर्थ के लिए, या पैग़ंबरों, सहाबियों या रहमत, नूर और शुक्र जैसे गुणों के नाम होने से चुने जाते हैं। परिवार में मिली-जुली प्रथा न हो तो नक्षत्र अक्षर उस रिवाज का हिस्सा नहीं है। जो पारिवारिक नाम लगाएंगे उसके साथ नाम बोलें, और अरबी अर्थ सिर्फ़ लिप्यंतरण से नहीं, अरबी पढ़ने वाले से जाँचें।
सिख और ईसाई परिवार
सिख परिवार गुरु ग्रंथ साहिब से, अक्सर हुकमनामे से, नाम लेते हैं, और कई बच्चे सिंह या कौर लगाते हैं। भारत में ईसाई परिवार अक्सर किसी संत का नाम, बाइबल का कोई गुण या किसी बड़े का नाम चुनते हैं, साथ में अपनी भाषा में चलने वाला नाम भी।
अगर आपका परिवार इनमें से दो रिवाजों के बीच है, तो तय करें कि कौन-सा संस्कार मुख्य है और कौन-सा नाम कानूनी। बच्चे का घर का नाम और स्कूल का नाम हो सकता है। दोनों लिख लें ताकि रिश्तेदार तीसरा न गढ़ें।
सवाल
- अरबी या फ़ारसी अर्थ वाले कुछ मुस्लिम लड़कों के नाम कौन-से हैं?
- इस साइट की मुस्लिम लड़कों की सूची में कबीर, इनायत और ज़ैन जैसे नाम हैं, हर एक छोटे अर्थ के साथ। छापने से पहले अरबी या फ़ारसी पढ़ने वाले से अर्थ पक्का करें।
- क्या सिख नाम हुकमनामे से ही आने चाहिए?
- कई परिवार ऐसा करते हैं। कुछ अपनी पसंद का नाम चुनते हैं और फिर भी सिंह या कौर लगाते हैं। गुरुद्वारे और भरोसेमंद बड़ों का अनुसरण करें।
- क्या एक बच्चे के दो नाम हो सकते हैं?
- हाँ। संस्कार का नाम और घर का छोटा नाम आम है। दस्तावेज़ों के लिए एक सरकारी वर्तनी रखें।